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6/23/2019

साम्यवाद का अर्थ, संगठन और भूमिका (कार्यप्रणाली)

चीन का साम्यवादी दल

जनवादी चीन के में गणराज्य का उदय 1949 में चीन मे साम्यवादी क्रांन्ति द्वारा चीन की भूमि के मुख्य महाद्वीपीय भाग पर हुआ है। यह क्रांति वोलशेविक क्रान्ति से प्रेरित हो साम्यवादी दल के नेता माओत्से तुगं के नेतृत्व में कार्यन्वित हुई थी। जनवादी चीन के साम्यवादी दल का प्रमुख लक्ष्य बुर्जुआ तथा अन्य शासक वर्गों को खत्म कर चीन मे एक सर्वहारा वर्ग का साम्यवादी राज्य और समाज स्थापित करना है।
दोस्तो इस लेख में हम अब चीन के साम्यवादी दल का अर्थ, साम्यवादी दल का संगठन, साम्यवादी दल भूमिका और साम्यवादी दल की कार्य प्रणाली के बारें मे विस्तार से जानेंगे।
साम्यवाद

साम्यवाद का अर्थ (साम्यवाद क्या है?)  

साम्यवाद एक अन्तर्राष्ट्रीय विचारधारा है। विश्व के सभी साम्यवादी राज्यों में शासन पध्दति का स्वरूप लगभग एक जैसा है। राज्य की समूची शक्ति शासन के विभिन्न अंगो मे नहीं बल्कि साम्यवादी दल के आगोश मे समा- सी गयी है। जनवादी चीन की समग्र राजनीतिक व्यवस्था मे साम्यवादी दल का स्थान सर्वोच्च है। सारे महत्वपूर्ण निर्णय दल की केन्द्रीय सर्वोच्च समित मे हि लेते है।
शेन यू डाई के शब्दों मे " चीन शासन पर चीन के साम्यवादी दल का पूर्ण नियन्त्रण आधुनिक सर्वसत्तावादी राज्य नीति का सर्वाधिक विस्मयकारी तथ्य है।" चीन के साम्यवादी दल को चीन की समस्त जनता की नेतृत्वकारी स्थिति प्राप्त है। श्रमजीवी वर्ग राज्य पर अपना नियन्त्रण अपने अग्रणी साम्यवादी दल के माध्यम से ही रखता है।

साम्यवादी दल का संगठन

जनवादी चीन का साम्यवादी दल, वहाँ के तीनो प्रमुख केन्द्रों, राज्य सरकार दल तथा सेना में एक लेकिन इन सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। व्यवहार में साम्यवादी दल की केन्द्रीय समिति (पालिट ब्यूरो) ही चीन हेतु महत्वपूर्ण नीतियों का निर्माण करती है। ऐसा हर साम्यवादी देश मे होता है कि वहाँ शासन के समस्त सूत्र साम्यवादी दल के पास ही रहते है।
चीन का साम्यवादी दल अन्य राज्यों के साम्यवादी दल की भांति प्रजातांत्रिक केन्द्रवाद पर आधारित है, इसमें दल की प्रत्येक इकाई प्रजातांत्रिक आधार पर गठित होती है। नीचे की इकाई के प्रतिनिधि ऊपर की इकाई के सदस्यों का निर्वाचन करते है। इसी प्रकार दल के सभी अंग निर्वाचित होते है। इसके साथ ही जो निर्णय लिए जाते हैं वे नीचे की इकाइयों पर बाध्य होते है।

साम्यवादी दल की भूमिका (कार्यप्रणाली)

जनवादी चीन का साम्यवादी दल दुनिया का सबसे विशाल साम्यवादी दल है इसकी सदस्य संख्या 9 करोड़ है। जनवादी चीन का साम्यवादी दल पूरी चीनी जनता के नेतृत्व का केन्द्रीय अंग है। इसका लक्ष्य साम्यवाद है इसलिए चीनी शासन के हर अंग पर यह कठोर नियंत्रण बनाए रखता है। चीन में साम्यवादी दल ही सत्ता का वास्तविक सर्वोच्च निर्देशक है। इसका लक्ष्य सिर्फ चीनी समाज से शोषण को समाप्त करना ही नहीं है ब्लकि उन विचारों, प्रथाओं तथा रीति-रिवाजों को समाप्त करना भी है जिन्हें शोषक वर्ग बनाए रखना चाहता है। चीन के साम्यवादी दल की भूमिका को निम्न शीर्षकों द्वारा समझा जा सकता है।
1. मजदूरों का नेतृत्व
साम्यवादी दल मजदूरों का नेतृत्व  करता है। वह मजदूरों का मार्गदर्शन करता है तथा वह मजदूरों को संगठित करने तथा उनकी समस्याओं को दूर करने का काम करता है।
2. जन भावनाओं को शासन तक पहुंचाना
साम्यवादी दल लगातार जनता से संपर्क बनाए रखते हुए जनता की समस्याओं का सुनने तथा उनकी समस्याओं को दूर करने के लिए शासन को प्रेरित करता है।
3. साम्यवादी क्रान्ति का संचालन व उसकी रक्षा करना
साम्यवादी दल का सबसे प्रमुख कार्य साम्यवादी क्रान्ति का संचालन करना तथा उसकी रक्षा करना है।
4. नीति निर्धारण और शासन पर नियन्त्रण
चीन का साम्यवादी दल अन्य साम्यवादी देशों की तरह एक श्रेष्ठ शासन है। अतः चीन के शासन पर साम्यवादी दल पूर्ण नियन्त्रण रखता है समस्त महत्वपूर्ण शासकीय नीतियों व कार्यक्रमों का निर्धारण साम्यवादी दल ही करता है शासन उसी के प्रति उत्तरदायी है।
5. मार्क्सवादी , लेनिनवाद एवं माओवादी विचारों का प्रचार करना
चीन का साम्यवादी दल मार्क्सवादी, लेनिनवादी, व माओवादी विचारधारा पर आधारित है। इसलिए साम्यवादी दल इनके विचारों का प्रचार-प्रसार करता है।
6. विश्व साम्यवाद की स्थापना में सहयोग
चीन का साम्यवादी संपूर्ण विश्व मे साम्यवाद का प्रचार-प्रसार करता है। यह एक अन्तर्राष्ट्रीय आन्दोलन है। इस उद्देश्य की पूर्ति हेतु साम्यवादी हर सम्भव सहयोग देने के लिय प्रतिबद्ध है।
दोस्तो यह थी साम्यवाद की अवधारणा हमने जाना चीनी साम्यवाद का अर्थ, साम्यवाद का संगठन तथा साम्यवादी दल की भूमिका। अगर आपका साम्यवादी दल के सम्बन्ध किसी भी प्रकार का कोई विचार है तो नीचे comment कर जरूर बताए।

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