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6/25/2019

स्विस संविधान की विशेषताएं

स्विट्जरलैंड
स्विसट्जरलैंड

स्विट्जरलैंड विश्व की सबसे प्रमुख राजनीति प्रयोगशाला है। प्राकृतिक दृष्टि से यह राज्य पर्वतों और खूबसूरत बर्फीली वादियों में बसा है। आकार में नगण्य मालूम देता हुआ यह देश प्रकार या शासन-प्रणाली की दृष्टि से चिरकाल से एक महत्वपूर्ण स्थान का अधिकारी रहा है। स्विस के शासन प्रबन्ध में स्विस नागरिक जीवन की मौलिक प्रतिभा के यत्र-तत्र दर्शन होते है।  जाॅन ब्राउन मैसन के शब्दो में " स्विटजरजलैण्ड अशांति के समुद्र में शान्ति का द्वीप है। स्विट्ज़रलैंड की राजधानी बर्न है।
दोस्तो स्विट्जरलैंड का संक्षिप्त विवरण के साथ अब हम स्विस संविधान के बारें मे जानने के बाद स्विस संविधान की विशेषताएं जानेंगे।  

स्विस संविधान 

स्विट्जरलैंड के संविधान में 123 धाराएं और तीन अध्याय है। स्विस नागरिकों की गणतन्तीय व्यवस्था के प्रति निष्ठा और प्रेम इतिहास प्रसिध्द है। स्विट्जरलैंड का संविधान  विश्व का सबसे प्राचानी एक गणराज्य है।  स्विस संविधान में किसी भी तरह का संशोधन बिना लोकमत की स्वीकृति के नही होता। आज विश्व के लगभग सभी लोकतान्त्रिक राज्यों में अप्रत्यक्ष लोकतन्त्र को अपनाया गया है। वहीं स्विस संविधान में आज भी काफी हद तक प्रत्यक्ष लोकतन्त्र का अस्तित्व है। तो चलिए अब हम स्विस संविधान की विशेषताओं के बारें में जानते है-----
स्विस संविधान

स्विस संविधान की विशेषताएं 

1. निर्मित व लिखित संविधान 
स्विस संविधान लिखित संविधानों की श्रेणी मे आता है। इसे सन् 1848 में गठित 14 सदस्यीय आयोग द्वारा बनाया गया है। सन् 1874 में इसमें व्यापक संशोधन भी किये गये है।
2. दुरूह परन्तु लोकसम्मत संशोधन व्यवस्था 
स्विस संविधान मे संशोधन के लिए स्विस जनता स्वीकृति आवश्यक है इसके बिना इसमें संशोधन नही किया जा सकता। संघीय व्यवस्थापिका या 50 हजार मतदाता कभी भी संशोधन का प्रस्ताव ला सकते है, जिसे मतदताओं और कैन्टनों के बहुमत का समर्थन मिलना चाहिए। इस तरह बिना मतदाताओं की सहमति के संशोधन हो ही नही सकता।
3. कठोर संविधान
स्विट्जरलैण्ड का संविधान कठोर संविधानों की श्रेणी मे आता है। क्योंकि इसमें संशोधन की प्रक्रिया सामान्य कानूनों के निर्माण कि प्रक्रिया से भिन्न व जटिल है। लेकिन यह संविधान अमेरीकी संविधान की तुलना में कम कठोर है।
4. गणराज्य
स्विसट्जरलैण्ड का गणराज्य विश्व का सबसे प्राचीनतम गणराज्य है। राजनीति शास्त्रियों ने स्विस गणराज्य की अपने मुक्त-कण्ठ से प्रशंसा की है। गमतन्त्रवाद और राष्ट्र की प्रत्यक्ष सार्वभौमिकता का सिध्दान्त स्विस लोकतन्त्र की रक्षा करता है।
5. उदारवादी विचारधारा से अनुप्रणित लोकतन्त्र 
वैसे तो स्विस संविधान मे मूलभूत अधिकारों की घोषणा नही की गई है। लेकिन उसने नागरिक स्वतन्त्रता, समता, तथा राज्य की धर्म निरपेक्षता की गारंटी दे रखी है। स्विस संविधान के अनुसार कानून के समक्ष सब नागरिक समान है। प्रकाशन, भाषण, तथा संघ-बनाने की स्वतन्त्रता के साथ धार्मिक स्वतंत्रता भी दी गई है लेकिन जेसुइट और तत्ससम्बन्धी सम्प्रदायों पर रोक है।
6. बहुल कार्यपालिका 
स्विस संविधान की मुख्य विशेषता बहुल कार्यपालिका का होना है। शासन व्यवस्था के संचालन के लिए कार्यपालिका का संगठन एकल होता है। लेकिन स्विस संविधान इस संदर्भ में भिन्न है। स्विस कार्यपालिका शक्ति एक संघीय परिषद् को प्रदान की गयी है  जिसमें 7 सदस्य सहयोग के रूप में काम करते है और एक ही पार्टी से न लिये जाकर विभिन्न दलों का प्रतिनिधित्व करते है। इसमें से बारी-बारी से कार्यकारिणी का अध्यक्ष चुन लिया जाता है। संघीय परिषद् के किसी भी सदस्य की स्थिति अमरीकन राष्ट्रपति या ब्रिटिश प्रधानमंत्री के समान नही होती।
7. संसदात्मक और अध्यक्षात्मक शासन प्रणाली का समन्वय 
स्विसट्जरलैंड की शासन व्यवस्था न तो संसदीय शासन के अनुकूल है और न ही अध्यक्षात्मक शासन के अनुकूल है। इसलिए इसे संदात्मक और अध्यक्षात्मक शासन प्रणाली मे समन्वय कहा जा सकता है।
8. आंशिक न्यायिक पुनरावलोकन की व्यवस्था
स्विस संविधान द्वारा सर्वोच्च न्यायालय को न्यायिक पुनरावलोकन का अधिकार आंशिक रूप से प्रदान किया गया है।
9. प्रशासनिक कानून पर आधारित न्यायपालिका
स्विस संविधान मे न्यायपालिका को न्यायिक कार्यों के लिए प्रशासनिक कानूनों पर आधारिति किया गया है। इस व्यवस्था के तहत जन- सामान्य और प्रशासनिक कर्मचारियों के लिए पृथक-पृथक न्यायालय होते है।
तो दोस्तो यह थी स्विस संविधान की मुख्य विशेषताएं अगर इस लेख के सम्बन्ध मे आपका किसी भी प्रकार का कोई विचार है तो नीचे comment कर जरूर बताएं।

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